सूरह अल-इख़्लास
وَلَمْ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدٌۢ
Wa lam yakul lahū kufuwan aḥad(un).
और न कोई उसका समकक्ष है।"
सभी आयत 4 आयत
وَلَمْ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدٌۢ
Wa lam yakul lahū kufuwan aḥad(un).
और न कोई उसका समकक्ष है।"
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