सूरह अद-दुख़ान

يَوْمَ لَا يُغْنِى مَوْلًى عَن مَّوْلًى شَيْـًٔا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ

Yauma lā yugnī maulan ‘am maulan syai'aw wa lā hum yunṣarūn(a).

जिस दिन कोई अपना किसी अपने के कुछ काम न आएगा और न कोई सहायता पहुँचेगी,

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