सूरह नूह
أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ وَٱتَّقُوهُ وَأَطِيعُونِ
Ani‘budullāha wattaqūhu wa aṭī‘ūn(i).
कि अल्लाह की बन्दगी करो और उसका डर रखो और मेरी आज्ञा मानो।-
सभी आयत 28 आयत
أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ وَٱتَّقُوهُ وَأَطِيعُونِ
Ani‘budullāha wattaqūhu wa aṭī‘ūn(i).
कि अल्लाह की बन्दगी करो और उसका डर रखो और मेरी आज्ञा मानो।-
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।