सूरह नूह

أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ وَٱتَّقُوهُ وَأَطِيعُونِ

Ani‘budullāha wattaqūhu wa aṭī‘ūn(i).

कि अल्लाह की बन्दगी करो और उसका डर रखो और मेरी आज्ञा मानो।-

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