सूरह अत-तकवीर
عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّآ أَحْضَرَتْ
‘Alimat nafsum mā aḥḍarat.
तो कोई भी क्यक्ति जान लेगा कि उसने क्या उपस्थित किया है
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عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّآ أَحْضَرَتْ
‘Alimat nafsum mā aḥḍarat.
तो कोई भी क्यक्ति जान लेगा कि उसने क्या उपस्थित किया है
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