सूरह अल-हुजुरात
إِنَّ ٱلَّذِينَ يُنَادُونَكَ مِن وَرَآءِ ٱلْحُجُرَٰتِ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ
Innal-lażīna yunādūnaka miw warā'il-ḥujurāti akṡaruhum lā ya‘qilūn(a).
जो लोग (ऐ नबी) तुम्हें कमरों के बाहर से पुकारते है उनमें से अधिकतर बुद्धि से काम नहीं लेते
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