सूरह अन-नज्म
مَا زَاغَ ٱلْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ
Mā zāgal-baṣaru wa mā ṭagā.
निगाह न तो टेढ़ी हुइ और न हद से आगे बढ़ी
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مَا زَاغَ ٱلْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ
Mā zāgal-baṣaru wa mā ṭagā.
निगाह न तो टेढ़ी हुइ और न हद से आगे बढ़ी
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