सूरह अन-नज्म
وَمَا يَنطِقُ عَنِ ٱلْهَوَىٰٓ
Wa mā yanṭiqu ‘anil-hawā.
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है;
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وَمَا يَنطِقُ عَنِ ٱلْهَوَىٰٓ
Wa mā yanṭiqu ‘anil-hawā.
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है;
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