सूरह अर-रहमान

لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّ

Lam yaṭmiṡhunna insun qablahum wa lā jānn(un).

जिन्हें उससे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया होगा और न किसी जिन्न ने।

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