सूरह अत-तलाक़
فَذَاقَتْ وَبَالَ أَمْرِهَا وَكَانَ عَـٰقِبَةُ أَمْرِهَا خُسْرًا
Fa żāqat wabāla amrihā wa kāna ‘āqibatu amrihā khusrā(n).
अतः उन्होंने अपने किए के वबाल का मज़ा चख लिया और उनकी कार्य-नीति का परिणाम घाटा ही रहा
सभी आयत 12 आयत
فَذَاقَتْ وَبَالَ أَمْرِهَا وَكَانَ عَـٰقِبَةُ أَمْرِهَا خُسْرًا
Fa żāqat wabāla amrihā wa kāna ‘āqibatu amrihā khusrā(n).
अतः उन्होंने अपने किए के वबाल का मज़ा चख लिया और उनकी कार्य-नीति का परिणाम घाटा ही रहा
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