सूरह अत-तलाक़

فَذَاقَتْ وَبَالَ أَمْرِهَا وَكَانَ عَـٰقِبَةُ أَمْرِهَا خُسْرًا

Fa żāqat wabāla amrihā wa kāna ‘āqibatu amrihā khusrā(n).

अतः उन्होंने अपने किए के वबाल का मज़ा चख लिया और उनकी कार्य-नीति का परिणाम घाटा ही रहा

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