सूरह अन-नबा

لَّا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا وَلَا كِذَّٰبًا

Lā yasma‘ūna fīhā lagwaw wa lā kiżżābā(n).

वे उसमें न तो कोई व्यर्थ बात सुनेंगे और न कोई झुठलाने की बात

सभी आयत 40 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।