सूरह अल-अलक

نَاصِيَةٍ كَـٰذِبَةٍ خَاطِئَةٍ

Nāṣiyatin kāżibatin khāṭi'ah(tin).

झूठी, ख़ताकार चोटी

सभी आयत 19 आयत
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