सूरह अल-अलक
كَلَّا لَا تُطِعْهُ وَٱسْجُدْ وَٱقْتَرِب ۩
Kallā, lā tuṭi‘hu wasjud waqtarib.
कदापि नहीं, उसकी बात न मानो और सजदे करते और क़रीब होते रहो
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كَلَّا لَا تُطِعْهُ وَٱسْجُدْ وَٱقْتَرِب ۩
Kallā, lā tuṭi‘hu wasjud waqtarib.
कदापि नहीं, उसकी बात न मानो और सजदे करते और क़रीब होते रहो
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