सूरह अल-हज्ज
وَٱلَّذِينَ سَعَوْا۟ فِىٓ ءَايَـٰتِنَا مُعَـٰجِزِينَ أُو۟لَـٰٓئِكَ أَصْحَـٰبُ ٱلْجَحِيمِ
Wal-lażīna sa‘au fī āyātinā mu‘ājizīna ulā'ika aṣḥābul-jaḥīm(i).
किन्तु जिन लोगों ने हमारी आयतों को नीचा दिखाने की कोशिश की, वही भड़कती आगवाले है
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