सूरह अल-अहज़ाब
وَرَدَّ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِغَيْظِهِمْ لَمْ يَنَالُوا۟ خَيْرًا ۚ وَكَفَى ٱللَّهُ ٱلْمُؤْمِنِينَ ٱلْقِتَالَ ۚ وَكَانَ ٱللَّهُ قَوِيًّا عَزِيزًا
Wa raddallāhul-lażīna kafarū bigaiẓihim lam yanālū khairā(n), wa kafallāhul-mu'minīnal-qitāl(a), wa kānallāhu qawiyyan ‘azīzā(n).
अल्लाह ने इनकार करनेवालों को उनके अपने क्रोध के साथ फेर दिया। वे कोई भलाई प्राप्त न कर सके। अल्लाह ने मोमिनों को युद्ध करने से बचा लिया। अल्लाह तो है ही बड़ा शक्तिवान, प्रभुत्वशाली
📝 टिप्पणी
615) खंदक के युद्ध (गज़वा-ए-खंदक) में मोमिनों (ईमान वालों) को युद्ध करने की आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि अल्लाह सुबहानहु व ताआला ने तेज़ आँधी और फ़रिश्तों की सेना भेजकर उनके शत्रुओं को खदेड़ दिया था।