सूरह ग़ाफ़िर
مِثْلَ دَأْبِ قَوْمِ نُوحٍ وَعَادٍ وَثَمُودَ وَٱلَّذِينَ مِنۢ بَعْدِهِمْ ۚ وَمَا ٱللَّهُ يُرِيدُ ظُلْمًا لِّلْعِبَادِ
Miṡla da'bi qaumi nūḥiw wa ‘ādiw wa ṡamūda wal-lażīna mim ba‘dihim, wa mallāhu yurīdu ẓulmal lil-‘ibād(i).
जैसे नूह की क़ौम और आद और समूद और उनके पश्चात्वर्ती लोगों का हाल हुआ। अल्लाह तो ऐसा नहीं कि बन्दों पर कोई ज़ुल्म करना चाहे
सभी आयत 85 आयत