सूरह ग़ाफ़िर
ٱلنَّارُ يُعْرَضُونَ عَلَيْهَا غُدُوًّا وَعَشِيًّا ۖ وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ أَدْخِلُوٓا۟ ءَالَ فِرْعَوْنَ أَشَدَّ ٱلْعَذَابِ
An-nāru yu‘raḍūna ‘alaihā guduwwaw wa ‘asyiyyā(n), wa yauma taqūmus-sā‘ah(tu), adkhilū āla fir‘auna asyaddal-‘ażāb(i).
अर्थात आग ने; जिसके सामने वे प्रातःकाल और सायंकाल पेश किए जाते है। और जिन दिन क़ियामत की घड़ी घटित होगी (कहा जाएगा), "फ़िरऔन के लोगों को निकृष्ट तम यातना में प्रविष्टी कराओ!"
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