सूरह अल-जासिया

وَلِلَّهِ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يَوْمَئِذٍ يَخْسَرُ ٱلْمُبْطِلُونَ

Wa lillāhi mulkus-samāwāti wal-arḍ(i), wa yauma taqūmus-sā‘atu yauma'iżiy yakhsarul-mubṭilūn(a).

आकाशों और धरती की बादशाही अल्लाह ही की है। और जिस दिन वह घड़ी घटित होगी उस दिन झूठवाले घाटे में होंगे

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