सूरह क़ाफ़
وَمِنَ ٱلَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَأَدْبَـٰرَ ٱلسُّجُودِ
Wa minal-laili fasabbiḥhu wa adbāras-sujūd(i).
और रात की घड़ियों में फिर उसकी तसबीह करो और सजदों के पश्चात भी
सभी आयत 45 आयत
وَمِنَ ٱلَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَأَدْبَـٰرَ ٱلسُّجُودِ
Wa minal-laili fasabbiḥhu wa adbāras-sujūd(i).
और रात की घड़ियों में फिर उसकी तसबीह करो और सजदों के पश्चात भी
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