सूरह क़ाफ़

وَنَزَّلْنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً مُّبَـٰرَكًا فَأَنۢبَتْنَا بِهِۦ جَنَّـٰتٍ وَحَبَّ ٱلْحَصِيدِ

Wa nazzalnā minas-samā'i mā'am mubārakan fa'ambatnā bihī jannātiw wa ḥabbal-ḥaṣīd(i).

और हमने आकाश से बरकतवाला पानी उतारा, फिर उससे बाग़ और फ़सल के अनाज।

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