सूरह अत-तग़ाबुन
إِنَّمَآ أَمْوَٰلُكُمْ وَأَوْلَـٰدُكُمْ فِتْنَةٌ ۚ وَٱللَّهُ عِندَهُۥٓ أَجْرٌ عَظِيمٌ
Innamā amwālukum wa aulādukum fitnah(tun), wallāhu ‘indahū ajrun ‘aẓīm(un).
तुम्हारे माल और तुम्हारी सन्तान तो केवल एक आज़माइश है, और अल्लाह ही है जिसके पास बड़ा प्रतिदान है
सभी आयत 18 आयत