सूरह अल-क़लम

نٓ ۚ وَٱلْقَلَمِ وَمَا يَسْطُرُونَ

Nūn, wal-qalami wa mā yasṭurūn(a).

नून॰। गवाह है क़लम और वह चीज़ जो वे लिखते है,

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