सूरह अल-क़लम

وَمَا هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَـٰلَمِينَ

Wa mā huwa illā żikrul lil-‘ālamīn(a).

हालाँकि वह सारे संसार के लिए एक अनुस्मृति है

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