सूरह अल-क़लम
مَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ
Mā lakum, kaifa taḥkumūn(a).
तुम्हें क्या हो गया है, कैसा फ़ैसला करते हो?
सभी आयत 52 आयत
مَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ
Mā lakum, kaifa taḥkumūn(a).
तुम्हें क्या हो गया है, कैसा फ़ैसला करते हो?
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