सूरह अल-मुज़्ज़म्मिल

فَعَصَىٰ فِرْعَوْنُ ٱلرَّسُولَ فَأَخَذْنَـٰهُ أَخْذًا وَبِيلًا

Fa ‘aṣā fir‘aunar-rasūla fa akhażnāhu akhżaw wabīlā(n).

किन्तु फ़िरऔन ने रसूल की अवज्ञा कि, तो हमने उसे पकड़ लिया और यह पकड़ सख़्त वबाल थी

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