सूरह अल-मुज़्ज़म्मिल
فَعَصَىٰ فِرْعَوْنُ ٱلرَّسُولَ فَأَخَذْنَـٰهُ أَخْذًا وَبِيلًا
Fa ‘aṣā fir‘aunar-rasūla fa akhażnāhu akhżaw wabīlā(n).
किन्तु फ़िरऔन ने रसूल की अवज्ञा कि, तो हमने उसे पकड़ लिया और यह पकड़ सख़्त वबाल थी
सभी आयत 20 आयत
فَعَصَىٰ فِرْعَوْنُ ٱلرَّسُولَ فَأَخَذْنَـٰهُ أَخْذًا وَبِيلًا
Fa ‘aṣā fir‘aunar-rasūla fa akhażnāhu akhżaw wabīlā(n).
किन्तु फ़िरऔन ने रसूल की अवज्ञा कि, तो हमने उसे पकड़ लिया और यह पकड़ सख़्त वबाल थी
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