सूरह अल-मुरसलात

أَلَمْ نُهْلِكِ ٱلْأَوَّلِينَ

Alam nuhlikil-awwalīn(a).

क्या ऐसा नहीं हुआ कि हमने पहलों को विनष्ट किया?

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