सूरह अल-मुरसलात
وَٱلْمُرْسَلَـٰتِ عُرْفًا
Wal-mursalāti ‘urfā(n).
साक्षी है वे (हवाएँ) जिनकी चोटी छोड़ दी जाती है
सभी आयत 50 आयत
وَٱلْمُرْسَلَـٰتِ عُرْفًا
Wal-mursalāti ‘urfā(n).
साक्षी है वे (हवाएँ) जिनकी चोटी छोड़ दी जाती है
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।