सूरह अल-अनफ़ाल

إِنَّمَا ٱلْمُؤْمِنُونَ ٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَجِلَتْ قُلُوبُهُمْ وَإِذَا تُلِيَتْ عَلَيْهِمْ ءَايَـٰتُهُۥ زَادَتْهُمْ إِيمَـٰنًا وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ

Innamal-mu'minūnal-lażīna iżā żukirallāhu wajilat qulūbuhum wa iżā tuliyat ‘alaihim āyātuhū zādathum īmānaw wa ‘alā rabbihim yatawakkalūn(a).

ईमानवाले तो वही लोग है जिनके दिल उस समय काँप उठे जबकि अल्लाह को याद किया जाए। और जब उनके सामने उसकी आयतें पढ़ी जाएँ तो वे उनके ईमान को और अधिक बढ़ा दें और वे अपने रब पर भरोसा रखते हों

📝 टिप्पणी
304) यहाँ अल्लाह (सुब्हानहु व तआला) के नाम का उल्लेख करने का अर्थ उनके उन गुणों का वर्णन करना है जो उनकी महानता और महिमा को दर्शाते हैं।

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