सूरह अल-इन्शिक़ाक
إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ
Innahū ẓanna allay yaḥūr(a).
उसने यह समझ रखा था कि उसे कभी पलटना नहीं है
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إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ
Innahū ẓanna allay yaḥūr(a).
उसने यह समझ रखा था कि उसे कभी पलटना नहीं है
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