सूरह अल-इन्शिक़ाक

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يُكَذِّبُونَ

Balil-lażīna kafarū yukażżibūn(a).

नहीं, बल्कि इनकार करनेवाले तो झुठलाते है,

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