सूरह अल-फ़ज्र

إِنَّ رَبَّكَ لَبِٱلْمِرْصَادِ

Inna rabbaka labil-mirṣād(i).

निस्संदेह तुम्हारा रब घात में रहता है

सभी आयत 30 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।