सूरह अल-फ़ज्र
وَجَآءَ رَبُّكَ وَٱلْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا
Wa jā'a rabbuka wal-malaku ṣaffan ṣaffā(n).
और तुम्हारा रब और फ़रिश्ता (बन्दों की) एक-एक पंक्ति के पास आएगा,
सभी आयत 30 आयत
وَجَآءَ رَبُّكَ وَٱلْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا
Wa jā'a rabbuka wal-malaku ṣaffan ṣaffā(n).
और तुम्हारा रब और फ़रिश्ता (बन्दों की) एक-एक पंक्ति के पास आएगा,
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।