सूरह अल-फ़ज्र

وَجَآءَ رَبُّكَ وَٱلْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا

Wa jā'a rabbuka wal-malaku ṣaffan ṣaffā(n).

और तुम्हारा रब और फ़रिश्ता (बन्दों की) एक-एक पंक्ति के पास आएगा,

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