सूरह साद
وَٱلطَّيْرَ مَحْشُورَةً ۖ كُلٌّ لَّهُۥٓ أَوَّابٌ
Waṭ-ṭaira maḥsyūrah(tan), kullul lahū awwāb(un).
और पक्षियों को भी, जो एकत्र हो जाते थे। प्रत्येक उसके आगे रुजू रहता
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وَٱلطَّيْرَ مَحْشُورَةً ۖ كُلٌّ لَّهُۥٓ أَوَّابٌ
Waṭ-ṭaira maḥsyūrah(tan), kullul lahū awwāb(un).
और पक्षियों को भी, जो एकत्र हो जाते थे। प्रत्येक उसके आगे रुजू रहता
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