सूरह साद
إِنَّ ذَٰلِكَ لَحَقٌّ تَخَاصُمُ أَهْلِ ٱلنَّارِ
Inna żālika laḥaqqun takhāṣumu ahlin-nār(i).
निस्संदेह आग में पड़नेवालों का यह आपस का झगड़ा तो अवश्य होना है
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إِنَّ ذَٰلِكَ لَحَقٌّ تَخَاصُمُ أَهْلِ ٱلنَّارِ
Inna żālika laḥaqqun takhāṣumu ahlin-nār(i).
निस्संदेह आग में पड़नेवालों का यह आपस का झगड़ा तो अवश्य होना है
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