सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन
وَمَا يُكَذِّبُ بِهِۦٓ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ
Wa mā yukażżibu bihī illā kullu mu‘tadin aṡīm(in).
और उसे तो बस प्रत्येक वह क्यक्ति ही झूठलाता है जो सीमा का उल्लंघन करनेवाला, पापी है
सभी आयत 36 आयत
وَمَا يُكَذِّبُ بِهِۦٓ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ
Wa mā yukażżibu bihī illā kullu mu‘tadin aṡīm(in).
और उसे तो बस प्रत्येक वह क्यक्ति ही झूठलाता है जो सीमा का उल्लंघन करनेवाला, पापी है
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