सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन
خِتَـٰمُهُۥ مِسْكٌ ۚ وَفِى ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ ٱلْمُتَنَـٰفِسُونَ
Khitāmuhū misk(un), wa fī żālika falyatanāfasil-mutanāfisūn(a).
मुहर उसकी मुश्क ही होगी - जो लोग दूसरी पर बाज़ी ले जाना चाहते हो वे इस चीज़ को प्राप्त करने में बाज़ी ले जाने का प्रयास करे -
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