सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन
كَلَّآ إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ
Kallā innahum ‘ar rabbihim yauma'iżil lamaḥjūbūn(a).
कुछ नहीं, अवश्य ही वे उस दिन अपने रब से ओट में होंगे,
📝 टिप्पणी
749) इसका अर्थ यह है कि कदापि ऐसा नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, अर्थात् वे अपने प्रभु के निकट हैं।
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