सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन

كَلَّآ إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ

Kallā innahum ‘ar rabbihim yauma'iżil lamaḥjūbūn(a).

कुछ नहीं, अवश्य ही वे उस दिन अपने रब से ओट में होंगे,

📝 टिप्पणी
749) इसका अर्थ यह है कि कदापि ऐसा नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, अर्थात् वे अपने प्रभु के निकट हैं।

सभी आयत 36 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।