सूरह फ़ुस्सिलत

إِذْ جَآءَتْهُمُ ٱلرُّسُلُ مِنۢ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ أَلَّا تَعْبُدُوٓا۟ إِلَّا ٱللَّهَ ۖ قَالُوا۟ لَوْ شَآءَ رَبُّنَا لَأَنزَلَ مَلَـٰٓئِكَةً فَإِنَّا بِمَآ أُرْسِلْتُم بِهِۦ كَـٰفِرُونَ

Iż jā'athumur-rusulu mim baini aidīhim wa min khalfihim allā ta‘budū illallāh(a), qālū lau syā'a rabbunā la'anzala malā'ikatan fa'innā bimā ursiltum bihī kāfirūn(a).

जब उनके पास रसूल उनके आगे और उनके पीछे से आए कि "अल्लाह के सिवा किसी की बन्दगी न करो।" तो उन्होंने कहा, "यदि हमारा रब चाहता तो फ़रिश्तों को उतार देता। अतः जिस चीज़ के साथ तुम्हें भेजा गया है, हम उसे नहीं मानते।"

📝 टिप्पणी
670) "उनके आगे से और उनके पीछे से" का अर्थ सभी दिशाओं (हर तरफ) से है।

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