सूरह फ़ुस्सिलत

حَتَّىٰٓ إِذَا مَا جَآءُوهَا شَهِدَ عَلَيْهِمْ سَمْعُهُمْ وَأَبْصَـٰرُهُمْ وَجُلُودُهُم بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

Ḥattā iżā mā jā'ūhā syahida ‘alaihim sam‘uhum wa abṣāruhum wa julūduhum bimā kānū ya‘malūn(a).

तो उनके कान और उनकी आँखें और उनकी खालें उनके विरुद्ध उन बातों की गवाही देंगी, जो कुछ वे करते रहे होंगे

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