सूरह अल-मुल्क

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَخْشَوْنَ رَبَّهُم بِٱلْغَيْبِ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَأَجْرٌ كَبِيرٌ

Innal-lażīna yakhsyauna rabbahum bil-gaibi lahum magfiratuw wa ajrun kabīr(un).

जो लोग परोक्ष में रहते हुए अपने रब से डरते है, उनके लिए क्षमा और बड़ा बदला है

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