सूरह अल-मुल्क
أَمَّنْ هَـٰذَا ٱلَّذِى هُوَ جُندٌ لَّكُمْ يَنصُرُكُم مِّن دُونِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ۚ إِنِ ٱلْكَـٰفِرُونَ إِلَّا فِى غُرُورٍ
Am man hāżal-lażī huwa jundul lakum yanṣurukum min dūnir-raḥmān(i), inil-kāfirūna illā fī gurūr(in).
या वह कौन है जो तुम्हारी सेना बनकर रहमान के मुक़ाबले में तुम्हारी सहायता करे। इनकार करनेवाले तो बस धोखे में पड़े हुए है
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