सूरह अल-मुल्क
وَلَقَدْ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ
Wa laqad każżabal-lażīna min qablihim fakaifa kāna nakīr(i).
उन लोगों ने भी झुठलाया जो उनसे पहले थे, फिर कैसा रहा मेरा इनकार!
सभी आयत 30 आयत
وَلَقَدْ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ
Wa laqad każżabal-lażīna min qablihim fakaifa kāna nakīr(i).
उन लोगों ने भी झुठलाया जो उनसे पहले थे, फिर कैसा रहा मेरा इनकार!
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