सूरह अल-मुल्क

وَلَقَدْ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ

Wa laqad każżabal-lażīna min qablihim fakaifa kāna nakīr(i).

उन लोगों ने भी झुठलाया जो उनसे पहले थे, फिर कैसा रहा मेरा इनकार!

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