सूरह अल-मुद्दस्सिर

إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا قَوْلُ ٱلْبَشَرِ

In hāżā illā qaulul-basyar(i).

"यह तो मात्र मनुष्य की वाणी है।"

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