सूरह अल-मुद्दस्सिर

كُلُّ نَفْسٍۭ بِمَا كَسَبَتْ رَهِينَةٌ

Kullu nafsim bimā kasabat rahīnah(tun).

प्रत्येक व्यक्ति जो कुछ उसने कमाया उसके बदले रेहन (गिरवी) है,

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