सूरह अल-मुद्दस्सिर

وَكُنَّا نُكَذِّبُ بِيَوْمِ ٱلدِّينِ

Wa kunnā nukażżibu biyaumid-dīn(i).

और हम बदला दिए जाने के दिन को झुठलाते थे,

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