सूरह अल-मुद्दस्सिर
كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُّسْتَنفِرَةٌ
Ka'annahum ḥumurum mustanfirah(tun).
मानो वे बिदके हुए जंगली गधे है
सभी आयत 56 आयत
كَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُّسْتَنفِرَةٌ
Ka'annahum ḥumurum mustanfirah(tun).
मानो वे बिदके हुए जंगली गधे है
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।