सूरह अल-बक़रा

خَتَمَ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ وَعَلَىٰ سَمْعِهِمْ ۖ وَعَلَىٰٓ أَبْصَـٰرِهِمْ غِشَـٰوَةٌ ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ

Khatamallāhu ‘alā qulūbihim wa ‘alā sam‘ihim wa ‘alā abṣārihim gisyāwatuw wa lahum ‘ażābun ‘aẓīm(un).

अल्लाह ने उनके दिलों पर और कानों पर मुहर लगा दी है और उनकी आँखों पर परदा पड़ा है, और उनके लिए बड़ी यातना है

📝 टिप्पणी
5) अल्लाह सुभानहु व तआला ने काफिरों के दिलों और कानों पर मुहर लगा दी है जिससे कोई नसीहत या हिदायत उनके दिलों में प्रवेश नहीं कर सकती।

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