सूरह अर-रूम

وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يَوْمَئِذٍ يَتَفَرَّقُونَ

Wa yauma taqūmus-sā‘atu yauma'iżiy yatafarraqūn(a).

और जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी, उस दिन वे सब अलग-अलग हो जाएँगे

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