सूरह अर-रूम
يَعْلَمُونَ ظَـٰهِرًا مِّنَ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَهُمْ عَنِ ٱلْـَٔاخِرَةِ هُمْ غَـٰفِلُونَ
Ya‘lamūna ẓāhiram minal-ḥayātid-dun-yā, wa hum ‘anil-ākhirati hum gāfilūn(a).
वे सांसारिक जीवन के केवल वाह्य रूप को जानते है। किन्तु आख़िरत की ओर से वे बिलकुल असावधान है
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