सूरह अर-रूम
فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَهُمْ فِى رَوْضَةٍ يُحْبَرُونَ
Fa ammal-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti fahum fī rauḍatiy yuḥbarūn(a).
अतः जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, वे एक बाग़ में प्रसन्नतापूर्वक रखे जाएँगे
सभी आयत 60 आयत