सूरह अर-रूम
فِى بِضْعِ سِنِينَ ۗ لِلَّهِ ٱلْأَمْرُ مِن قَبْلُ وَمِنۢ بَعْدُ ۚ وَيَوْمَئِذٍ يَفْرَحُ ٱلْمُؤْمِنُونَ
Fī biḍ‘i sinīn(a), lillāhil-amru min qablu wa mim ba‘d(u), wa yauma'iżiy yafraḥul-mu'minūn(a).
हुक्म तो अल्लाह ही का है पहले भी और उसके बाद भी। और उस दिन ईमानवाले अल्लाह की सहायता से प्रसन्न होंगे।
📝 टिप्पणी
582) शब्द बिज़'अ (biḍ‘) तीन से नौ के बीच की संख्या को दर्शाता है। रोमनों की हार (वर्ष 614-615 ईस्वी) और उनकी जीत (वर्ष 622 ईस्वी) के बीच का समय लगभग सात वर्ष का था।
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